aakhirsh door ho hi jaate hain | आख़िरश दूर हो ही जाते हैं

  - Sohil Barelvi
आख़िरशदूरहोहीजातेहैं
मेरेदिलकोजोलोगभातेहैं
लौटकरमय-कदेसेदीवाने
तेरीआँखोंमेंडूबजातेहैं
हमसेवा'दाभीइकनहींटूटा
लोगतोतारेतोड़लातेहैं
मुझसेकमज़ोरपरसितमकरके
लोगक़िस्मतकोआज़मातेहैं
मेरेहिस्सेमेंकुछनहींसोहिल
मेरेहिस्सेकालोगखातेहैं
रोज़दरियामेंडालकरमाचिस
अपनेघरकोमियाँबचातेहैं
हमभीरातोंकोजागकरसोहिल
'मीर'केशे'रगुनगुनातेहैं
  - Sohil Barelvi
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