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Sohaib Alvi
teraa lena na ik na dena do
teraa lena na ik na dena do | तेरा लेना ना इक ना देना दो
- Sohaib Alvi
तेरा
लेना
ना
इक
ना
देना
दो
भाई
तू
क्यूँँ
अकड़
के
बैठ
गया
- Sohaib Alvi
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होश
वालों
को
ख़बर
क्या
बे-ख़ुदी
क्या
चीज़
है
इश्क़
कीजे
फिर
समझिए
ज़िंदगी
क्या
चीज़
है
Nida Fazli
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ये
हुनर
जो
आ
जाए,
आपका
ज़माना
है
पाँव
किसके
छूने
हैं,
सर
कहाँ
झुकाना
है
Astitwa Ankur
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हम
ने
क़ुबूल
कर
लिया
अपना
हर
एक
जुर्म
अब
आप
भी
तो
अपनी
अना
छोड़
दीजिए
Harsh saxena
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लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
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Kashif Sayyed
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पा
ए
उम्मीद
प
रक्खे
हुए
सर
हैं
हम
लोग
हैं
न
होने
के
बराबर
ही
मगर
हैं
हम
लोग
तू
ने
बरता
ही
नहीं
ठीक
से
हम
को
ऐ
दोस्त
ऐब
लगते
हैं
ब-ज़ाहिर
प
हुनर
हैं
हम
लोग
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Abhishek shukla
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दिन
रात
मय-कदे
में
गुज़रती
थी
ज़िंदगी
'अख़्तर'
वो
बे-ख़ुदी
के
ज़माने
किधर
गए
Akhtar Shirani
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उधारी
सर
से
ऊपर
बढ़
चुकी
है
हमारी
जान
जोखिम
में
पड़ी
है
हमीं
अपमान
सहकर
जी
रहे
हैं
अना
की
लाश
पंखे
पर
मिली
है
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Vikas Sahaj
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बा-हुनर
होके
कुछ
न
कर
पाना
रेज़ा-रेज़ा
बिखर
के
ढेह
जाना
मुझको
बेहद
उदास
करता
है
ख़ास
लोगों
का
आम
रह
जाना
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Vishal Bagh
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वो
जिस
घमंड
से
बिछड़ा
गिला
तो
इस
का
है
कि
सारी
बात
मोहब्बत
में
रख-रखाव
की
थी
Ahmad Faraz
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तू
मोहब्बत
नहीं
समझती
है
हम
भी
अपनी
अना
में
जलते
हैं
इस
दफा
बंदिशें
ज़ियादा
हैं
छोड़
अगले
जनम
में
मिलते
हैं
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Ritesh Rajwada
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अपनी
ही
गली
का
इमरान
हाशमी
हूँ
मैं
बात
वो
अलग
हैं
लगना
गले
नहीं
आता
Sohaib Alvi
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दुनिया
मुझ
सेे
झगड़
के
बैठ
गई
और
मैं
उस
सेे
झगड़
के
बैठ
गया
Sohaib Alvi
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आजिज़ी
से
गिर्या-ओ-ज़ारी
को
करने
वाली
सुन
बाँध
लेंगे
पल्ले
से
तुझको
ग़रीबी
की
तरह
Sohaib Alvi
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यारों
मैं
ही
हूँ
वो
बेग़ैरत
शख़्स
"हाफ़ी"
ने
जिस
पर
लानत
भेजी
है
Sohaib Alvi
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देगा
कब
रास्ता
दरिया
मुझको
मार
डालेगा
ये
सदमा
मुझको
राम
के
देश
से
लाया
था
वो
दे
नहीं
पाया
जो
तोहफ़ा
मुझको
ख़ाक
होगा
ये
तकब्बुर
मेरा
मार
डालेगा
ये
कर्ज़ा
मुझको
बेल
उस
दर
कि
बजा
आया
मैं
रह
गया
तकता
दरीचा
मुझको
आया
हैं
काला
पहन
कर
वो
तो
था
किया
पीले
का
वा'दा
मुझको
गिर
गया
ख़ून
मिरा
हैं
इस
पर
जेल
भेजेगा
ये
असला
मुझको
चेहरा
तक
देखा
नहीं
है
उसका
जिस
कँवल
ने
दिया
कुर्ता
मुझको
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Sohaib Alvi
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