ab koii naaseh hi kare mas'ala hal mere li.e | अब कोई नासेह ही करे मसअला हल मेरे लिए

  - Shubh Mathur
अबकोईनासेहहीकरेमसअलाहलमेरेलिए
एकलड़कीकेगालोंपेपड़तेहैंसलमेरेलिए
शोहराहोगाशाइस्तगी-ओ-शराफ़तकातेरापर
ख़्वाबमेंआनेकोज़राशोख़ीमेंढलमेरेलिए
देखताहूँदहरीकेउसपारपसरासन्नाटाजब
हैदरीचेसेझाँकतामाँकाआँचलमेरेलिए
अजनबीशहरोंमेंकोईअपनाखोजाफिरतारहा
बोझबनतीजातीथीतन्हाईहरपलमेरेलिए
ओढ़केबैठीहैसहरकितनीहीरातोंकातिमिर
उठक्षितिजसेसूरजकेफिररातोंमेंजलमेरेलिए
  - Shubh Mathur
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