jahaan se gham chhupaana pad raha hai | जहाँ से ग़म छुपाना पड़ रहा है

  - Shubhangi Bharti
जहाँसेग़मछुपानापड़रहाहै
उसेकहकेबतानापड़रहाहै
जलानाचाहताथाशबकोतेरी
लिहाज़ादिलजलानापड़रहाहै
ख़बरहैछोड़जाओगेकिसीदिन
सोतुमकोआज़मानापड़रहाहै
लकीरोंमेंनहींहैनामतेरा
हथेलीसेमिटानापड़रहाहै
उजालोंकासफ़रहैऔरमुझको
उसेरस्तादिखानापड़रहाहै
किसीसेरूठनेकायेसबबहै
मुझेउसकोमनानापड़रहाहै
  - Shubhangi Bharti
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