kyuuñ aa.e din kaajal zaayaa' karti ho | क्यूँ आए दिन काजल ज़ाया' करती हो

  - Shubham Thind 'Lafzbaaz'
क्यूँआएदिनकाजलज़ाया'करतीहो
बिनउसकेभीजादू-मायाकरतीहो
मद्धममीठीपुरवाईचलपड़तीहै
तुमजबअपनेबालसुखायाकरतीहो
मेरेहीतोहफ़ोंमेंशामिलझुमकोंसे
मुझपेहीफिरतीरचलायाकरतीहो
मेरेसपनोंमेंमुझकोभीलाओना
क्यूँहरशबतुमतन्हाआयाकरतीहो
फ़ुर्सतकोपूछूँगाफ़ुर्सतमिलनेपर
क्यूँतुममेरावक़्तचुरायाकरतीहो
  - Shubham Thind 'Lafzbaaz'
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