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Ramnath Shodharthi
mujh se pinjare ki bhi tauheen nahin hoti hai
mujh se pinjare ki bhi tauheen nahin hoti hai | मुझ से पिंजरे की भी तौहीन नहीं होती है
- Ramnath Shodharthi
मुझ
से
पिंजरे
की
भी
तौहीन
नहीं
होती
है
आप
तौहीन
किया
करते
हैं
'आज़ादी'
की
- Ramnath Shodharthi
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देख
रफ़्तार-ए-इंक़लाब
'फ़िराक़'
कितनी
आहिस्ता
और
कितनी
तेज़
Firaq Gorakhpuri
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ख़्वाबों
की
ता'बीर
बनी
है
इक
लड़की
मेरे
मन
की
हीर
बनी
है
इक
लड़की
दुनिया
तुझ
को
कब
का
छोड़
चुके
होते
पैरों
की
ज़ंजीर
बनी
है
इक
लड़की
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Vikas Sahaj
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तुम
भला
उस
प्रेम
की
गहराई
क्या
समझोगे
जानाँ
जो
कभी
ख़्वाबों
में
भी
अपनी
न
सरहद
लाँघता
है
Harsh saxena
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फिर
नए
साल
की
सरहद
पे
खड़े
हैं
हम
लोग
राख
हो
जाएगा
ये
साल
भी
हैरत
कैसी
Aziz Nabeel
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मैं
ख़ुद
भी
यार
तुझे
भूलने
के
हक़
में
हूँ
मगर
जो
बीच
में
कम-बख़्त
शा'इरी
है
ना
Afzal Khan
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शब
के
सन्नाटे
में
ये
किस
का
लहू
गाता
है
सरहद-ए-दर्द
से
ये
किस
की
सदा
आती
है
Ali Sardar Jafri
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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बहुत
बर्बाद
हैं
लेकिन
सदा-ए-इंक़लाब
आए
वहीं
से
वो
पुकार
उठेगा
जो
ज़र्रा
जहाँ
होगा
Ali Sardar Jafri
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निगाह-ए-गर्म
क्रिसमस
में
भी
रही
हम
पर
हमारे
हक़
में
दिसम्बर
भी
माह-ए-जून
हुआ
Akbar Allahabadi
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उस
मुल्क
की
सरहद
को
कोई
छू
नहीं
सकता
जिस
मुल्क
की
सरहद
की
निगहबान
हैं
आँखें
Unknown
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जैसे
सोने
को
तपाने
से
चमक
उठता
है
मेरा
ग़म
अश्क
बहाने
से
चमक
उठता
है
Ramnath Shodharthi
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किसी
से
गुफ़्तुगू
करने
का
अब
सवाल
नहीं
क़लम
पकड़ने
का
मतलब
ही
जंग
लड़ना
है
Ramnath Shodharthi
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देखकर
तुमको
मेरे
दिल
का
सितार
किसी
तबले-सा
बजने
लगता
है
Ramnath Shodharthi
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मुझको
भी
है
मलाल
और
उसको
भी
है
मलाल
वो
मेरा
हो
न
पाया
मैं
उसका
न
हो
सका
Ramnath Shodharthi
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मेरे
हँसने
पे
आप
मत
जाएँ
मेरे
रोने
का
यह
तरीक़ा
है
Ramnath Shodharthi
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