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Ramnath Shodharthi
akela pahle se hi tha main lekin
akela pahle se hi tha main lekin | अकेला पहले से ही था मैं लेकिन
- Ramnath Shodharthi
अकेला
पहले
से
ही
था
मैं
लेकिन
अभी
काफ़ी
अकेला
हो
गया
हूॅं
- Ramnath Shodharthi
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अकेले
में
भी
खुलकर
हँस
रहा
हूँ
उसे
ये
सुनके
रोना
आ
रहा
है
Dev Niranjan
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उसके
गालो
की
ख़ला
से
मेरा
बोसा
बिगड़ा
है
दूर
रक्खें
शोख़
बच्चो
को
सभी
दीवार
से
Raj
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मोहब्बत
एक
ख़ुशबू
है
हमेशा
साथ
चलती
है
कोई
इंसान
तन्हाई
में
भी
तन्हा
नहीं
रहता
Bashir Badr
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पता
करो
कि
मेरे
साथ
कौन
उतरा
था
ज़मीं
पे
कोई
अकेला
नहीं
उतरता
है
Ahmad Abdullah
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ऐब
हज़ारों
दिखते
हैं
मुझको
मेरी
परछाई
में
यानी
शीशे
से
मिलता
हूँ
अक्सर
मैं
तन्हाई
में
Ravi 'VEER'
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तुझको
सोचा
तो
पता
हो
गया
रुसवाई
को
मैंने
महफूज़
समझ
रखा
था
तन्हाई
को
Waseem Barelvi
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ज़रा
देर
बैठे
थे
तन्हाई
में
तिरी
याद
आँखें
दुखाने
लगी
Adil Mansuri
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मैं
अकेला
ही
चला
था
जानिब-ए-मंज़िल
मगर
लोग
साथ
आते
गए
और
कारवाँ
बनता
गया
Majrooh Sultanpuri
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एक
महफ़िल
में
कई
महफ़िलें
होती
हैं
शरीक
जिस
को
भी
पास
से
देखोगे
अकेला
होगा
Nida Fazli
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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मेरी
मानो
तो
ये
दुनिया
है
कबूतर-ख़ाना
और
हम
लोग
बस
आए
हैं
ग़ुटरग़ूँ
करने
Ramnath Shodharthi
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तेरी
आँखों
को
देखा
तो
एहसास
हुआ
ये
आँखें
भी
तहज़ीब
का
हिस्सा
होती
हैं
Ramnath Shodharthi
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ऐसा
लगता
है
हमें
आपके
आते-आते
कहीं
महरूम
से
मरहूम
न
हो
जाएँ
हम
Ramnath Shodharthi
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मैं
मुरझाने
लगा
हूँ
रफ़्ता-रफ़्ता
मुहब्बत
रफ़्ता-रफ़्ता
खिल
रही
है
Ramnath Shodharthi
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जो
दिखाता
है
वो
नहीं
हूँ
मैं
आईने
पर
मुझे
यक़ीन
नहीं
Ramnath Shodharthi
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