dil-e-aabaad ka barbaad bhi hona zaroori hai | दिल-ए-आबाद का बर्बाद भी होना ज़रूरी है

  - Shoaib Bin Aziz
दिल-ए-आबादकाबर्बादभीहोनाज़रूरीहै
जिसेपानाज़रूरीहैउसेखोनाज़रूरीहै
मुकम्मलकिसतरहहोगातमाशाबर्क़-ओ-बाराँका
तेराहँसनाज़रूरीहैमेरारोनाज़रूरीहै
बहुतसीसुर्ख़आँखेंशहरमेंअच्छीनहींलगतीं
तेरेजागेहुओंकादेरतकसोनाज़रूरीहै
किसीकीयादसेइसउम्रमेंदिलकीमुलाक़ातें
ठिठुरतीशाममेंइकधूपकाकोनाज़रूरीहै
येख़ुद-सरवक़्तलेजाएकहानीकोकहाँजाने
मुसन्निफ़काकिसीकिरदारमेंहोनाज़रूरीहै
जनाब-ए-दिलबहुतनाज़ाँहोंदाग़-ए-मोहब्बतपर
येदुनियाहैयहाँयेदाग़भीधोनाज़रूरीहै
  - Shoaib Bin Aziz
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