अब उदास फिरते हो सर्दियों की शामों में

  - Shoaib Bin Aziz
अबउदासफिरतेहोसर्दियोंकीशामोंमें
इसतरहतोहोताहैइसतरहकेकामोंमें
अबतोउसकीआँखोंकेमय-कदेमुयस्सरहैं
फिरसुकूनढूँडोगेसाग़रोंमेंजामोंमें
दोस्तीकादावाक्याआशिक़ीसेक्यामतलब
मैंतेरेफ़क़ीरोंमेंमैंतेरेग़ुलामोंमें
ज़िंदगीबिखरतीहैशाएरीनिखरतीहै
दिलबरोंकीगलियोंमेंदिल-लगीकेकामोंमें
जिसतरह'शोएब'उसकानामचुनलियातुमने
उसनेभीहैचुनरक्खाएकनामनामोंमें
  - Shoaib Bin Aziz
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