bartan udaasi ke sabhi jab bhar ga.e | बर्तन उदासी के सभी जब भर गए

  - Shiv
बर्तनउदासीकेसभीजबभरगए
सबचाहनेवालेतेरेफिरघरगए
ज़िंदानसेकोईबचाथाहीनहीं
कुछतौक़सेबंधेथेजिनकेसरगए
उसकोगलेसेहीलगाकरहमबचे
दिलसेउसेजोभीलगाएमरगए
उम्मीदउनसेेथीहमेंइसबातकी
उनकोकभीजानानहींथापरगए
वोलोगशेर-ओ-शाइरीसेदूरथे
बे-बहरकोभीजोग़ज़लकहकरगए
काँटाबनाकरवोगईहैफूलको
'शिव'चुभजाएतोड़नेतुमगरगए
  - Shiv
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