yaad | याद

  - Shivang Tiwari
याद
मुझेतुमयादआतेहो
बहुतध्यानभटकातेहो
पढ़नहींपातासहीसे
पन्नोंपरउतरआतेहो
नींदकातोपूछोहीमत
सुब्हहोनेतकजगातेहो
सुनोआईनाबनोंनामेरा
जैसेतुममुझेबनातेहो
तुम्हारीसाँसोंसेतुमजानाँ
साराजहाँमहकातेहो
शौक़सेउड़तेक्यूँँनहींतुम
ख़्वाहिशेंदिलमेंदबातेहो
तुमसाहसींनहींकोईयहाँ
मानलोनाक्यूँँइतरातेहो
चलेआओनाछतपर
जैसे!हरबारआतेहो
'शिवम्'सेमिलनेकीख़ातिर
'शिवम्'सेहीशर्मातेहो
  - Shivang Tiwari
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