“शाख़”
एकज़र्दसीशाख़राखकरजारहाहूँतेरेलिए
जबइसशाख़परफूलखिलजाएँगे
औरज़िंदगीकीरेखासब्ज़-रंगहोगी
तबमैंनहींरहूँगामगरतुम्हेंयेमहसूसहोगा
कियेमेरीहीख़ुश्बूहैमेराहीहैयेरंग-ए-बहार
मिट्टीबग़ैरपानीबग़ैरज़िंदारहेगीयेशाख़
येकभीहुआकरतीथीमेरीरूहकेशजरकीआँख
आँखोंकोदिखाईदेऐसीबारिशकीज़रूरतनहींइसे
इसकीइकउम्रगुज़रचुकीहैधूपमेंउड़ातेहुएख़ाक
येशाख़किसीशाहीफूलोंकीनहींहैबिल्कुल
मगरइतनीभीबेकारनहींकीइसपेकोईफूलहीनआए
हरएकचीज़केलिएचाहिएहोताहैएकवक़्त
औरबसइसीचीज़कीकमीथीहमदोनोंकीज़िंदगीमेंफ़क़त
अपनीसारीहयातबीतगईबादलोंकीपरछाइयाँगिननेमें
किसीनेअगरपूछातुमसेतोबेशक़कहना
कभीकभीऐसेबेकारकामभीकरनेज़रूरीहैं
अपनेहीरूहकेछालेकभीसिलनेमेंकभीछिलनेमें
सचकहूँतोहरी-भरीहीशाख़देनीथीतुम्हेंमगर
येपतानथाकीख़्वाहिशोंसेज़्यादासाँसेकमपड़जाएगी
मगरठीकहैअबजोहुआसोहुआ,अबतोतुम्हें,
बहारऔरपतझड़कीबहुतअच्छेसेसमझआएगी
इसशाख़कीपोरोंमेंअपनीकुछपरछाइयाँरखदीहैंमैंने
जैसेसुकूत-ए-ज़िंदगीमेंदिलकीकुछबे-ताबियाँरखदीहैंमैंने
कहींऐसानहोकिमैंदूरख़ुदअपनेआपसेहोजाऊँ
मेरीहस्तीकेहंगामोंमेंकुछतन्हाइयाँरखदीहैंमैंने
मेरेशाहकारमेरेअफ़्कारहोजाएँनफ़र्सूदाज़मानेमें
इसलिएनिगाहोंमेंतुम्हारीकुछगहराइयाँरखदीहैंमैंने
मेराहरइज़्तिराब-ए-दिलनिशाँमंज़िलकाबनजाए
तमन्नाओंमेंतेरीहिज्रकीअंगड़ाइयाँरखदीहैंमैंने
किसीभीग़ैरकीजा़निबनज़रनहींउठेगीमेरी
मेरीनिगाहोंमेंतुम्हारीसबरानाइयाँरखदीहैंमैंने