gar raaste ki koi bhi manzil na ho | गर रास्ते की कोई भी मंज़िल न हो

  - Shivang Tiwari
गररास्तेकीकोईभीमंज़िलहो
तोख़्वाहिश-ए-दिलफिरकभीघाइलहो
मानाकिबेहदबे-कराँहैबहर-ए-ग़म
तोक्याहुआजोइकलब-ए-साहिलहो
गरवस्लहैतोहिज्रभीहैइश्क़में
वोइश्क़हीक्याजिस
मेंदिलबिस्मिलहो
हरइकक़दमपेया-ख़ुदाकाँटेमिले
ऐसाकरनागुलकोईहासिलहो
मौलामुझेमंज़ूरहैहरइम्तिहान
वोरास्तेहीक्याजहाँमुश्किलहो
  - Shivang Tiwari
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