नहीं था हसीं कुछ मुहब्बत से ज़्यादा

  - Shivam Rathore
नहींथाहसींकुछमुहब्बतसेज़्यादा
मगरअबनहींयेज़रूरतसेज़्यादा
नहींजानपाएवोक़ीमतकभीभी
मिलाप्यारजिनकोज़रुरतसेज़्यादा
भरोसाअगरइकदफ़ातोड़डाला
टिकेगानहींघरमरम्मतसेज़्यादा
येआँखेंयेगेसूहैंशातिरलुटेरे
संभालोदिलोंकोअमानतसेज़्यादा
ज़मानाहैऐसाकुचलदेगातुमको
अगरतुमचलोगेशराफ़तसेज़्यादा
  - Shivam Rathore
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy