hain aañkhen band phir bhi taash se ikka nikaalenge | हैं आँखें बंद फिर भी ताश से इक्का निकालेंगे

  - Shivam Rathore
हैंआँखेंबंदफिरभीताशसेइक्कानिकालेंगे
कहींसेभीमगरमंज़िलकाहमरस्तानिकालेंगे
अगरख़ुशियाँहमारीमाँकेख़ातिरहोहमेंलाना
कमायाअबतलकहरएकवोसिक्कानिकालेंगे
भलेरक्खासजाकरघरकोहथियारोंसेउसनेपर
हुनरसेहमवहींसेएकगुलदस्तानिकालेंगे
खुलेस्कूलजोचेहरोंकोभीपढ़नासिखाएतो
पुरानाइकदफ़ाफिरहमवहीबस्तानिकालेंगे
अधूराहैतुम्हारातनकमीबसदिलकीहैइस
में
कहोगेतोहमारेतनसेयेपुर्जानिकालेंगे
बनेगाघरमुहब्बतकाजोटूटेगाजीवनभर
येहोगातबअगरमिलकरसहीनक़्शानिकालेंगे
  - Shivam Rathore
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