रातदिनख़ुदकोभीअपनाअबपताकुछभीनहीं
दिलनेचाहातोबहुतलेकिनमिलाकुछभीनहीं
बसचलेहीजारहेहैंजिसतरफ़दिखजाएवो
औरमंज़िलकाकहींअबतकपताकुछभीनहीं
उसनेदिलपरहाथरखकरपूछाक्यासबठीकहै
हमकोकहनाथाबहुतकुछपरकहाकुछभीनहीं
कौनहूँमैंऔरक्याहीचाहताहूँआपसे
मानलूँगायेकिरिश्तेमेंबचाकुछभीनहीं
लोगपागलतकहुएहैंइसमुहब्बतमेंयहाँ
आपकहतेहैंमुहब्बतमेंरखाकुछभीनहीं
हालअपनाकरलियाहैइसतरहअबआपको
देखकरमुझकोलगेगाबसहुआकुछभीनहीं