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karan singh rajput
vo mere baad KHush raha bahut mujhe bhi gham nahin
vo mere baad KHush raha bahut mujhe bhi gham nahin | वो मेरे बाद ख़ुश रहा बहुत, मुझे भी ग़म नहीं
- karan singh rajput
वो
मेरे
बाद
ख़ुश
रहा
बहुत,
मुझे
भी
ग़म
नहीं
बिछड़के
होता
वो
उदास
गर,
तो
बात
और
थी
- karan singh rajput
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पत्थर
के
जिगर
वालो
ग़म
में
वो
रवानी
है
ख़ुद
राह
बना
लेगा
बहता
हुआ
पानी
है
Bashir Badr
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तू
भी
कब
मेरे
मुताबिक
मुझे
दुख
दे
पाया
किस
ने
भरना
था
ये
पैमाना
अगर
ख़ाली
था
एक
दुख
ये
कि
तू
मिलने
नहीं
आया
मुझ
सेे
एक
दुख
ये
है
उस
दिन
मेरा
घर
ख़ाली
था
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Tehzeeb Hafi
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पेड़
का
दुख
तो
कोई
पूछने
वाला
ही
न
था
अपनी
ही
आग
में
जलता
हुआ
साया
देखा
Jameel Malik
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कैसा
दिल
और
इस
के
क्या
ग़म
जी
यूँँ
ही
बातें
बनाते
हैं
हम
जी
Jaun Elia
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अब
क्या
बताऊँ
मैं
तिरे
मिलने
से
क्या
मिला
इरफ़ान-ए-ग़म
हुआ
मुझे
अपना
पता
मिला
Seemab Akbarabadi
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वक़्त
की
गर्दिशों
का
ग़म
न
करो
हौसले
मुश्किलों
में
पलते
हैं
Mahfuzur Rahman Adil
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यही
बहुत
है
मिरे
ग़म
में
तुम
शरीक
हुए
मैं
हॅंस
पड़ूँगा
अगर
तुमने
अब
दिलासा
दिया
Imran Aami
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कुल
जोड़
घटाकर
जो
ये
संसार
का
दुख
है
उतना
तो
मिरे
इक
दिल-ए-बेज़ार
का
दुख
है
शाइर
हैं
तो
दुनिया
से
अलग
थोड़ी
हैं
लोगों
सबकी
ही
तरह
हमपे
भी
घर
बार
का
दुख
है
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Ashutosh Vdyarthi
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तेरे
जाने
से
ज़्यादा
हैं
न
कम
पहले
थे
हम
को
लाहक़
हैं
वही
अब
भी
जो
ग़म
पहले
थे
Afzal Khan
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ये
तुम
सब
मिल
के
जो
कुछ
कह
रहे
हो
मैं
कह
सकता
हूँ
पर
कहना
नहीं
है
हमारा
शे'र
भी
सुनने
न
आएँ
हमारा
दुख
जिन्हें
सहना
नहीं
है
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Ali Zaryoun
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आसान
है
किसी
के
लिए
आँखें
भारी
करना
लेकिन
मुश्किल
है
उम्र
भर
वफ़ादारी
करना
दुनिया
हर
रोज़
निकलती
है
सुब्ह
काम
के
लिए
अपने
नसीब
में
है
शायद
बेरोज़गारी
करना
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karan singh rajput
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खुली
आँखों
में
साल
गुज़रा
कई
रातों
में
साल
गुज़रा
तेरी
बाहों
में
दिन
गुज़ारे
तेरी
बातों
में
साल
गुज़रा
मुलाक़ात
इक
न
हुई
और
यूँँ
ही
वादों
में
साल
गुज़रा
भला
किस
तरह
भूल
जाऊँ
मैं
जिन
बातों
में
साल
गुज़रा
‘करन‘
किस
सेे
जाकर
कहे
हम
तेरी
यादों
में
साल
गुज़रा
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karan singh rajput
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गाँव
में
सब
उसे
देखते
रह
गए
यूँँ
गली
से
मेरी
गुज़री
अब
क्या
कहें
karan singh rajput
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मुझे
छोड़कर
जा
चुके
हो
,न
तुम
बताओ
मेरे
पास
लौटोगे
क्या
?
karan singh rajput
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तुम
किसे
किसे
अपनी
बाहों
में
भरोगे
देखना
तुम
इक
दिन
सब
छूट
जाएगा
karan singh rajput
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