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karan singh rajput
usne bichhadte waqt ik tasveer dii apni kaha
usne bichhadte waqt ik tasveer dii apni kaha | उसने बिछड़ते वक़्त इक तस्वीर दी अपनी, कहा
- karan singh rajput
उसने
बिछड़ते
वक़्त
इक
तस्वीर
दी
अपनी,
कहा
तुम
देखने
के
आदी
हो,
जब
याद
आए,
देखना
- karan singh rajput
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अपने
जैसी
कोई
तस्वीर
बनानी
थी
मुझे
मिरे
अंदर
से
सभी
रंग
तुम्हारे
निकले
Salim Saleem
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बस
तेरी
तस्वीर
ही
इक
पास
थी
उस
में
भी
तू
बेख़बर
सोई
हुई
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S M Afzal Imam
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घर
भरा
होता
है
पर
एक
कमी
होती
है
एक
तस्वीर
बहुत
हँसती
हुई
होती
है
जिनको
चारागरों
की
सूईयाँ
नहीं
चुभती
हैं
ऐसे
बच्चों
को
कोई
बात
चुभी
होती
है
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Rishabh Sharma
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कुछ
भी
नहीं
तो
पेड़
की
तस्वीर
ही
सही
घर
में
थोड़ी
बहुत
तो
हरियाली
चाहिये
Himanshu Kiran Sharma
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तिरी
तस्वीर
तो
वा'दे
के
दिन
खिंचने
के
क़ाबिल
है
कि
शर्माई
हुई
आँखें
हैं
घबराया
हुआ
दिल
है
Nazeer Allahabadi
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पहले
दिल
से
नक़्श
मिटाये
जाते
हैं
मेज़
से
फिर
तस्वीर
हटा
दी
जाती
है
Rao Nasir
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चाँद
भी
हैरान
दरिया
भी
परेशानी
में
है
अक्स
किस
का
है
कि
इतनी
रौशनी
पानी
में
है
Farhat Ehsaas
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जो
चुप-चाप
रहती
थी
दीवार
पर
वो
तस्वीर
बातें
बनाने
लगी
Adil Mansuri
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अक्स-दर-अक्स
बिखरना
है
मुझे
जाने
क्या
टूट
गया
है
मुझ
में
Khalid Moin
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तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
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Siddharth Saaz
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ये
जो
कहानी
है
हक़ीक़त
भी
हो
सकती
है
कभी
के
दोस्ती
अपनी
मुहब्ब्त
भी
हो
सकती
है
कभी
कमजोर
ना
जानो
दिए
को
ऐं-हवाओं
इस
तरह
ख़ामोश
हैं
तो
क्या
बग़ावत
भी
हो
सकती
है
कभी
तुम
जो
मुहब्ब्त
को
ख़ुदा
कहते
हो
ऐसा
ना
कहो
ये
जो
मुहब्ब्त
है
क़यामत
भी
हो
सकती
है
कभी
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karan singh rajput
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नया
दिन
कोई
आएगा
तेरी
इस
ज़िन्दगी
में
भी
'करन'
कब
तक
रुलायेगी
तेरी
किस्मत
तुझे
ऐसे
karan singh rajput
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कि
अब
तो
नींद
से
भी
है
तमाम
सी
शिकायतें
न
जाने
बात
क्या
है
जो
नज़र
में
आती
ही
नहीं
karan singh rajput
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ये
मजबूरी
ने
देखो
कैसे
अपने
हाथ
बाँधे
है
कि
अपने
छोड़कर
सब
गैरों
के
ही
साथ
बाँधे
है
अभी
से
डरती
क्यूँ
हो
तुम
मेरी
जाँ,
रात
बाकी
है
अभी
बत्ती
बुझाई
है,
अभी
बस
हाथ
बाँधे
है
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karan singh rajput
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कि
इतना
प्यार
तो
है
भी
नहीं
मुझ
सेे
वो
सबके
सामने
जितना
जताती
है
karan singh rajput
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