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karan singh rajput
koi hamko manaayega bhi to kaise
koi hamko manaayega bhi to kaise | कोई हमको मनाएगा भी तो कैसे?
- karan singh rajput
कोई
हमको
मनाएगा
भी
तो
कैसे?
बहुत
रूठे
हुए
है
ज़िन्दगी
से
हम
- karan singh rajput
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ये
ज़मीं
किस
क़दर
सजाई
गई
ज़िंदगी
की
तड़प
बढ़ाई
गई
आईने
से
बिगड़
के
बैठ
गए
जिन
की
सूरत
जिन्हें
दिखाई
गई
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Sahir Ludhianvi
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ये
मेरी
ज़िद
ही
ग़लत
थी
कि
तुझ
सेा
बन
जाऊँ
मैं
अब
न
अपनी
तरह
हूँ
न
तेरे
जैसा
हूँ
हमारे
बीच
ज़माने
की
बदगुमानी
है
मैं
ज़िंदगी
से
ज़रा
कम
ही
बात
करता
हूँ
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Subhan Asad
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मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
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बहुत
हसीन
सही
सोहबतें
गुलों
की
मगर
वो
ज़िंदगी
है
जो
काँटों
के
दरमियाँ
गुज़रे
Jigar Moradabadi
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उसके
जाने
और
आने
में
फ़क़त
यह
फ़र्क़
है
दूर
जाती
मौत
है
तो
पास
आती
ज़िन्दगी
Divy Kamaldhwaj
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एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
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तूने
देखी
है
वो
पेशानी
वो
रुख़्सार
वो
होंठ
ज़िंदगी
जिनके
तसव्वुर
में
लुटा
दी
हमने
तुझपे
उठी
हैं
वो
खोई
हुई
साहिर
आँखें
तुझको
मालूम
है
क्यूँ
उम्र
गंवा
दी
हमने
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Faiz Ahmad Faiz
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शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
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Kunwar Bechain
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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ज़िंदगी
है
या
कोई
तूफ़ान
है
हम
तो
इस
जीने
के
हाथों
मर
चले
Khwaja Meer Dard
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फिर
किसी
ने
भी
नहीं
देखा
मेरे
घर
की
तरफ़
मेरे
वीरां
घर
को
कोई
छोड़कर
ऐसे
गया
karan singh rajput
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भूख
जैसे
मसअले
का
हल
नहीं
इस
देश
में
लोग
फिर
भी
खाने
की
बर्बादी
से
रुकते
नहीं
karan singh rajput
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वो
मेरे
साथ
ख़ुश
रहता
था
पर
कहता
नहीं
था
कुछ
बिछड़कर
मुझ
सेे
अब
उसको
भी
क्या
हासिल
हुआ
होगा
karan singh rajput
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हाँ
के
अब
दो
हिस्सो
में
बट
गए
हम
यानी
जो
करना
नहीं
था
कर
गए
हम
देखकर
मुझको
चुरा
ली
नजरें
तुमने
ऐ
सुनो
क्या
तुम
सेे
इतना
कट
गए
हम
अब
वो
क्यूँँ
नाराज
है
हम
सेे
भला
के
अब
तो
उसके
रास्ते
से
हट
गए
हम
कल
कहा
उसने
कि
अब
मैं
जा
रही
हूँ
यानी
के
कल
मरते
मरते
मर
गए
हम
अब
किसी
से
मोहब्बत
क्या
हो
सकेगी
मोहब्बत
के
नाम
से
ही
डर
गए
हम
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karan singh rajput
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साथ
किसको
कितना
लेकर
तुम
चलोगे
हाथ
सबका
एक
दिन
तो
छूटना
है
karan singh rajput
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