silsila khauf ka thamta nahin kyuuñ kuchh to bataa | सिलसिला ख़ौफ़ का थमता नहीं क्यूँ कुछ तो बता

  - Aman Kumar Shaw "Haif"
सिलसिलाख़ौफ़काथमतानहींक्यूँकुछतोबता
रोज़मरतेहुएमरतानहींक्यूँकुछतोबता
क़ैदहैसदियोंसेतूख़ुदकेक़फ़समेंकिसीदिन
मौकापाभागनिकलतानहींक्यूँकुछतोबता
कौनसाहादसादेखाहैजहाँमेंतूने
दिलकिसीरंगबहलतानहींक्यूँकुछतोबता
मौस
मेंदुनियाभीहररोज़बदलजाताहै
मौस
मेंज़ीस्तबदलतानहींक्यूँकुछतोबता
रास्ताहरदफ़ामुझकोवोबताताहैपर
साथमेरेकभीचलतानहींक्यूँकुछतोबता
कौनसीमिट्टीसेतामीरकियाहैरबने
येदिल-ए-आदमीभरतानहींक्यूँकुछतोबता
ख़ुदकोगिनताहैरफ़ीक़ोंमेंवोसचहैलेकिन
मेरेहक़मेंदु'आकरतानहींक्यूँकुछतोबता
नोचकरआँखोंकोजोख़ाबसजालेताथा
'हैफ़'अबशख़्सवोदिखतानहींक्यूँकुछतोबता
  - Aman Kumar Shaw "Haif"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy