lad raha hooñ main musalsal waqt se | लड़ रहा हूँ मैं मुसलसल वक़्त से

  - Shaurya Shah
लड़रहाहूँमैंमुसलसलवक़्तसे
बचालेतूमुझेचलवक़्तसे
वक़्तयेभीफिरमुड़ेगासब्ररख
धूपमेंआतेहैंबादलवक़्तसे
फ़िक्रबीतेकलकीमुझकोआजहै
यानिपीछेहूँमैंहरपलवक़्तसे
जल्दबाज़ीइश्क़मेंचलतीनहीं
इश्क़होताहैमुकम्मलवक़्तसे
खोगयाहूँमैंख़ुशीसेजानकर
ढूँढ़लेगातूमुझेकलवक़्तसे
  - Shaurya Shah
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