hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shaukat Fehmi
aakhiri bas hai aur nikalne waali hai
aakhiri bas hai aur nikalne waali hai | आख़िरी बस है और निकलने वाली है
- Shaukat Fehmi
आख़िरी
बस
है
और
निकलने
वाली
है
आ
जाओ
इक
सीट
बराबर
ख़ाली
है
- Shaukat Fehmi
Download Sher Image
वो
एक
शख़्स
किसी
तौर
जो
मेरा
न
हुआ
मेरी
बला
से
किसी
का
अगर
हुआ
न
हुआ
मुझे
फ़िराक़
ने
घेरा
तेरे
विसाल
के
बीच
मैं
एक
मचान
पे
बैठे
हुए
निशाना
हुआ
इसीलिए
मेरे
रस्ते
में
शाम
आई
है
मैं
अपनी
सम्त
बड़ी
देर
से
रवाना
हुआ
Read Full
Shaukat Fehmi
Download Image
7 Likes
बदला
जो
वक़्त
गहरी
रफ़ाक़त
बदल
गई
सूरज
ढला
तो
साए
की
सूरत
बदल
गई
इक
उम्र
तक
मैं
उसकी
ज़रूरत
बना
रहा
फिर
यूँँ
हुआ
कि
उसकी
ज़रूरत
बदल
गई
Read Full
Shaukat Fehmi
Send
Download Image
28 Likes
इस
तरह
के
हरीफ़-ए-सख़्त
के
साथ
कौन
लड़ता
है
अपने
बख़्त
के
साथ
देखिये
क्या
हमें
गवारा
हो
एक
तख़्ता
धरा
है
तख़्त
के
साथ
वो
ज़रूरत
थी
या
मुहब्बत
थी
बेल
लिपटी
रही
दरख़्त
के
साथ
Read Full
Shaukat Fehmi
Download Image
1 Like
वो
जो
बैठा
है
मेरी
राहों
में
उस
सेे
कह
दो
कि
घर
चला
जाए
Shaukat Fehmi
Send
Download Image
23 Likes
देता
नहीं
था
छाँव
मगर
रख
लिया
गया
ईंधन
बनेगा
बूढ़ा
शजर
रख
लिया
गया
आँखों
में
उम्र
भर
की
मसाफ़त
समेट
कर
घर
जा
रहा
हूँ
मुझको
अगर
रख
लिया
गया
मुझको
थमा
दिया
गया
क़िस्मत
का
फ़ैसला
और
मेरी
मेहनतों
का
समर
रख
लिया
गया
Read Full
Shaukat Fehmi
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khushboo Shayari
Azal Shayari
Ujaala Shayari
Wajood Shayari
Bewafai Shayari