na jaane kabse ham in kaanto bhare safar men hain | ना जाने कबसे हम इन कांटो भरे सफ़र में हैं

  - Shashank Tripathi
नाजानेकबसेहमइनकांटोभरेसफ़रमेंहैं
मंज़िलकेक़रीबआकर,हमअबभीअधरमेंहैं
हरमुश्किलकोमुसाफ़िर,हंसकेपारकरताहै
बड़ेगहरेतलुक्कातहैंमुश्किलोंसे,हमइनकीनज़रमेंहैं
बहुतमेहनतसेबनायाथा,जोगिरगयामकाँमेरा
कमालयेहैमेराकिहमअबभीसबरमेंहैं
जिसकीछांवकेनीचे,थापड़ावमुसाफ़िरका
सुनाहैसांपलिपटेहुए,अबउसशज़रमेंहैं
बहुतघिनौनाहै,वोजोचेहराहैसियासतका
उन्हेंक्यापता"निहार",जोअरसोंसेक़ैदघरमेंहैं
सियासतदांसेहमनेजोकुछपूछलिएसवाल
इतनाहंगामाबरपाहैकिहममशहूरपूरेशहरमेंहैं
  - Shashank Tripathi
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