gar saare urooj hi jawaal hote to socho kya hota | गर सारे उरूज़ ही जवाल होते तो सोचो क्या होता

  - Shashank Tripathi
गरसारेउरूज़हीजवालहोतेतोसोचोक्याहोता
दिलोंमेंफकतहसींख़यालहोतेतोसोचोक्याहोता
अँधेरामिटानेकोघरोंसेनिकलेहैंबसचंदरहनुमा
सभीकेहाथोंमेंगरमशालहोतेतोसोचोक्याहोता
बड़ीख़ामोशीसेसहतेरहतेहैंसियासतकेज़ुल्मोको
आवामकेज़बानपरभीसवालहोतेतोसोचोक्याहोता
ज़ुल्मसहतेरहनेसेतोकहींबेहतरहैमरजाना
सभीकेलहूमेंगरउबालहोतेतोसोचोक्याहोता
जाती,मजहब,रंग,लिंग,औरनाजानेक्याक्याहैं
गरइनकेनामपरनाबवालहोतेतोसोचोक्याहोता
खुशी-ओ-ग़मकामुकम्मलसफ़रहैज़िन्दगी"निहार"
एकजैसेगरदोनोंसूरत-ए-हालहोतेतोसोचोक्याहोता
  - Shashank Tripathi
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