maana ki zindagi men muhabbat nahin rahi | माना कि ज़िंदगी में मुहब्बत नहीं रही

  - Sahir banarasi
मानाकिज़िंदगीमेंमुहब्बतनहींरही
इसबातपेहमेंभीशिकायतनहींरही
सोचाकिअबकहींतोचलेजाएँमरनेहम
इसबातकीभीहमकोइजाज़तनहींरही
मैंरोहीदेतातेरीक़सममुस्कुरानेपे
परक्याकरूँँजोदिलमेंवोक़ुर्बतनहींरही
मैंबे-वफ़ाभीआपकोकहदेताजाँमगर
इननज़रोंमेंवोआपकीइज़्ज़तनहींरही
पर्दाहयाकातुमनेजभीजाँहटायाथा
औरतबनीमगरकभीऔरतनहींरही
  - Sahir banarasi
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