koi kuchh bhi kahtaa rahe sab khaamoshi se sun leta haius ne bhi ab gahri gahri saansen lena seekh liya hai | कोई कुछ भी कहता रहे सब ख़ामोशी से सुन लेता है

  - Shariq Kaifi
कोईकुछभीकहतारहेसबख़ामोशीसेसुनलेताहै
उसनेभीअबगहरीगहरीसाँसेंलेनासीखलियाहै
पीछेहटनातोचाहाथापरऐसेभीनहींचाहाथा
अपनीतरफ़बढ़नेकेलिएभीउसकीतरफ़चलनापड़ताहै
जबतकहोऔरजैसेभीहोदूररहोउसकीनज़रोंसे
इतनापुरानाहैकियेरिश्ताफिरसेनयाभीहोसकताहै
जैसेसबतूफ़ानमिरीसाँसोंसेबंधेहोंमुझमेंछुपेहों
दिलमेंकिसीडरकेआतेहीज़ोरहवाकाबढ़जाताहै
मैंतोफ़सुर्दाहूँहीलेकिनअश्करक़ीबकीआँखमेंभीहैं
एकमहाज़पेहारेहैंहमयेरिश्ताक्याकमरिश्ताहै
रंगमेंहैंसारेघरवालेखनकरहेहैंचायकेप्याले
दुनियाजागचुकीहैलेकिनअपनासवेरानहींहुआहै
  - Shariq Kaifi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy