haath aata to nahin kuchh p taqaza kar aayen | हाथ आता तो नहीं कुछ प तक़ाज़ा कर आएँ

  - Shariq Kaifi
हाथआतातोनहींकुछतक़ाज़ाकरआएँ
औरइकबारगलीकातिरीफेराकरआएँ
नींदकेवास्तेवैसेभीज़रूरीहैथकन
प्यासभड़काएँकिसीसाएकापीछाकरआएँ
लुत्फ़देतीहैमसीहाईपरइतनाभीनहीं
जोशमेंअपनेहीबीमारकोअच्छाकरआएँ
लोगमहफ़िलमेंबुलातेहुएकतरातेथे
अबनहींधड़कायेख़ुदसेकिकहाँक्याकरआएँ
काशमिलजाएकहींफिरवहीआईना-सिफ़त
नक़्शबे-रब्तबहुतहैंइन्हेंचेहराकरआएँ
कितनीआसानीसेहमउसकोभुलासकतेहैं
बसकिसीतरहउसेदूसरोंजैसाकरआएँ
येभीमुमकिनहैकिहमहारसेबचनेकेलिए
अपनेदुश्मनकेकिसीवारमेंहिस्साकरआएँ
बातमाज़ीकोअलगरखकेभीहोसकतीहै
अबजोहालातहैंउनपरकभीचर्चाकरआएँ
येबताकरकियेरौनक़तोज़रादेरकीहै
साहिब-ए-बज़्मकेहैजानकोठंडाकरआएँ
क्यावजूदउसकाअगरकोईतवज्जोहहीदे
हमकिजबचाहेंउसेभीड़काहिस्साकरआएँ
  - Shariq Kaifi
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