KHamoshii bas KHamoshii thii ijaazat ab hui hai | ख़मोशी बस ख़मोशी थी इजाज़त अब हुई है

  - Shariq Kaifi
ख़मोशीबसख़मोशीथीइजाज़तअबहुईहै
इशारोंकोतिरेपढ़नेकीजुरअतअबहुईहै
अजबलहजेमेंकरतेथेदर-ओ-दीवारबातें
मिरेघरकोभीशायदमेरीआदतअबहुईहै
गुमाँहूँयाहक़ीक़तसोचनेकावक़्तकबतक
येहोकरभीहोनेकीमुसीबतअबहुईहै
अचानकहड़बड़ाकरनींदसेमैंजागउट्ठाहूँ
पुरानावाक़िआ'हैजिसपेहैरतअबहुईहै
यहीकमराथाजिसमेंचैनसेहमजीरहेथे
येतन्हाईतोइतनीबे-मुरव्वतअबहुईहै
बिछड़नाहैहमेंइकदिनयेदोनोंजानतेथे
फ़क़तहमकोजुदाहोनेकीफ़ुर्सतअबहुईहै
अजबथामसअलाअपनाअजबशर्मिंदगीथी
ख़फ़ाजिसरातपरथेवोशरारतअबहुईहै
मोहब्बतकोतिरीकबसेलिएबैठेथेदिलमें
मगरइसबातकोकहनेकीहिम्मतअबहुईहै
  - Shariq Kaifi
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