aur kisi shakhs shai men na ab dil raha | और किसी शख़्स शै में न अब दिल रहा

  - shampa andaliib
औरकिसीशख़्सशैमेंअबदिलरहा
आपकोदेखकरबससुकूँमिलरहा
आजवक़्त-ए-ख़िज़ाँयाँसेरुख़सतहुआ
दिलकेगुलशनमेंइकगुलनयाखिलरहा
दिलपेअपनाकभीबसचलाहीनहीं
कोईमेरेसिवायाँपेदाख़िलरहा
नींदमेंखोगएआजकीरातहम
कोईख़्वाब-ओ-ख़्यालोंमेंशामिलरहा
मुस्कुरातेरहेवक़्तकेसाथसाथ
अपनेजीवनकाबसयेहीहासिलरहा
  - shampa andaliib
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