to kya kuchh bhi nahin qeemat hamaari | तो क्या कुछ भी नहीं क़ीमत हमारी

  - Shakir Dehlvi
तोक्याकुछभीनहींक़ीमतहमारी
अगरअच्छीनहींसूरतहमारी
ज़ियादाहैकहींलागतहमारी
लगाओठीकसेक़ीमतहमारी
झपकनाभूलजाओगेयेपलकें
करेगीरक़्सजबवहशतहमारी
मिलेहोतेहमेंतुमकाशपहले
लिखीजातीथीजबक़िस्मतहमारी
यहीइकऐबहैमरतेहैंतुमपर
यहीइकऐबहैशोहरतहमारी
हमेंतुममुस्कुराकरदेखलेना
हमेंमिलजाएगीक़ीमतहमारी
यहींबैठीथीमाँकुछदेरपहले
यहींपरथीअभीजन्नतहमारी
ज़रामिलनेसेपहलेसोचलेना
तुम्हेंपड़जाएगीआदतहमारी
  - Shakir Dehlvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy