मौज-ए-ग़मइसलिएशायदनहींगुज़रीसरसे
मैंजोडूबातोनउभरूँगाकभीसागरसे
औरदुनियासेभलाईकासिलाक्यामिलता
आइनामैंनेदिखायाथाकिपत्थरबरसे
कितनीगुम-सुममेरेआँगनसेसबागुज़रीहै
इकशररभीनउड़ारूहकीख़ाकिस्तरसे
प्यारकीजोतसेघरघरहैचराग़ाँवर्ना
एकभीशम्अ'नरौशनहोहवाकेडरसे
उड़तेबादलकेतआ'क़ुबमेंफिरोगेकबतक
दर्दकीधूपमेंनिकलानहींकरतेघरसे
कितनीरानाइयाँआबादहैंमेरेदिलमें
इकख़राबानज़रआताहैमगरबाहरस
वादी-ए-ख़्वाबमेंउसगुलकागुज़रक्यूँँनहुआ
रातभरआतीरहीजिसकीमहकबिस्तरसे
तान-ए-अग़्यारसुनेंआपख़मोशीसे'शकेब'
ख़ुदपलटजातीहैटकराकेसदापत्थरसे