aa ke patthar to mire sahan men do chaar gire | आ के पत्थर तो मिरे सहन में दो चार गिरे

  - Shakeb Jalali
केपत्थरतोमिरेसहनमेंदोचारगिरे
जितनेउसपेड़केफलथेपस-ए-दीवारगिरे
ऐसीदहशतथीफ़ज़ाओंमेंखुलेपानीकी
आँखझपकीभीनहींहाथसेपतवारगिरे
मुझेगिरनाहैतोमैंअपनेहीक़दमोंमेंगिरूँ
जिसतरहसाया-ए-दीवारपेदीवारगिरे
तीरगीछोड़गएदिलमेंउजालेकेख़ुतूत
येसितारेमिरेघरटूटकेबेकारगिरे
क्याहवाहाथमेंतलवारलिएफिरतीथी
क्यूँँमुझेढालबनानेकोयेछितनारगिरे
देखकरअपनेदर-ओ-बामलरज़जाताहूँ
मिरेहम-साएमेंजबभीकोईदीवारगिरे
वक़्तकीडोरख़ुदाजानेकहाँसेटूटे
किसघड़ीसरपेयेलटकीहुईतलवारगिरे
हमसेटकरागईख़ुदबढ़केअँधेरेकीचटान
हमसँभलकरजोबहुतचलतेथेनाचारगिरे
क्याकहूँदीदा-ए-तरयेतोमिराचेहराहै
संगकटजातेहैंबारिशकीजहाँधारगिरे
हाथआयानहींकुछरातकीदलदलकेसिवा
हाएकिसमोड़पेख़्वाबोंकेपरस्तारगिरे
वोतजल्लीकीशुआएँथींकिजलतेहुएपर
आइनेटूटगएआइना-बरदारगिरे
देखतेक्यूँँहो'शकेब'इतनीबुलंदीकीतरफ़
उठायाकरोसरकोकियेदस्तारगिरे
  - Shakeb Jalali
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