charaaghh KHud hi bujhaaya bujha ke chhod diya | चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया

  - Shahzad Ahmad
चराग़ख़ुदहीबुझायाबुझाकेछोड़दिया
वोग़ैरथाउसेअपनाबनाकेछोड़दिया
हज़ारचेहरेहैंमौजूदआदमीग़ाएब
येकिसख़राबेमेंदुनियानेलाकेछोड़दिया
मैंअपनीजाँमेंउसेजज़्बकिसतरहकरता
उसेगलेसेलगायालगाकेछोड़दिया
मैंजाचुकाहूँमिरेवास्तेउदासहो
मैंवोहूँतूनेजिसेमुस्कुराकेछोड़दिया
किसीनेयेबतायाकिफ़ासलाक्याहै
हरएकनेमुझेरस्तादिखाकेछोड़दिया
हमारेदिलमेंहैक्याझाँककरदेखसके
ख़ुदअपनीज़ातसेपर्दाउठाकेछोड़दिया
वोतेरारोगभीहैऔरतिराइलाजभीहै
उसीकोढूँडजिसेतंगकेछोड़दिया
वोअंजुमनमेंमिलाभीतोउसनेबातकी
कभीकभीकोईजुमलाछुपाकेछोड़दिया
रखूँकिसीसेतवक़्क़ोतोक्यारखूँ'शहज़ाद'
ख़ुदानेभीतोज़मींपरगिराकेछोड़दिया
  - Shahzad Ahmad
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