hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shahanwaz Ansari
chaand taare aur zameen aasmaan KHaamosh hai
chaand taare aur zameen aasmaan KHaamosh hai | चाँद तारे और ज़मीं आसमाॅं ख़ामोश है
- Shahanwaz Ansari
चाँद
तारे
और
ज़मीं
आसमाॅं
ख़ामोश
है
देख
कर
तुझको
ये
सारा
जहाँ
ख़ामोश
है
सोचता
था
मैं
बयाँ
करता
हाल-ए-दिल
तुम्हें
तुम
नज़र
के
पास
हो
तो
ज़बाँ
ख़ामोश
है
काश
मेरे
दिल
की
ही
इक
दफ़ा
तो
सुनते
तुम
चुप
ज़बाँ
है
दिल
मिरा
तो
कहाँ
ख़ामोश
है
- Shahanwaz Ansari
Download Ghazal Image
तिरे
दुखों
को
लादे
हुआ
हूँ
मैं
हयात
बस
यूँँ
ही
काटता
हूँ
मैं
उदासी
मुझ
में
कोई
नई
नहीं
उदासियों
का
घर
हो
गया
हूँ
मैं
करूँँ
मैं
क्या
जो
हूँ
दूर
दुनिया
से
सज़ा
मोहब्बत
की
काटता
हूँ
मैं
ये
सोच
कर
ही
उम्मीद
में
हूँ
बस
कभी
तो
तू
बोलेगा
तेरा
हूँ
मैं
Read Full
Shahanwaz Ansari
Download Image
1 Like
पहले
ख़ुद
को
बर्बाद
किया
फिर
दीवाना
मशहूर
हुआ
तुझ
पर
ग़ज़लें
कह
कह
कर
ही
इक
अंजाना
मशहूर
हुआ
पहचान
बनानी
हो
इश्क़
से
तो
सब
कुछ
ही
खोना
पड़ता
है
परवाना
जलना
सीख
गया
तब
परवाना
मशहूर
हुआ
Read Full
Shahanwaz Ansari
Send
Download Image
2 Likes
यूँँ
तुझे
सामने
अपने
मैं
बिठाया
करता
तू
मुझे
देखती
मैं
तुझको
निहारा
करता
देख
कर
मुझको
निगाहें
तू
चुराया
करती
अपनी
आँखों
से
तुझे
मैं
भी
इशारा
करता
तू
मिरे
शानों
पे
सर
रख
के
यूँँ
सोया
करती
मैं
तिरे
ख़ुशबू
को
साँसों
में
समाया
करता
देर
तक
हम
भी
जो
इक
दूजे
से
करते
बातें
मैं
तुझे
अपनी
ग़ज़ल
पहले
सुनाया
करता
Read Full
Shahanwaz Ansari
Download Image
2 Likes
इक
तू
ही
वजह
है
हम
जो
नहीं
हिजरत
करते
ये
बहाना
है
कि
गुज़ारा
यहाँ
बचपन
अपना
Shahanwaz Ansari
Send
Download Image
2 Likes
जब
भी
वो
कभी
आँखों
के
सामने
आता
है
दिल
पागल
है
जाने
क्यूँ
शोर
मचाता
है
पाया
ही
नहीं
है
जिस
को
कभी
फिर
भी
ये
दिल
हैरत
है
उसको
खोने
का
शोक
मनाता
है
Read Full
Shahanwaz Ansari
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jawani Shayari
Mehfil Shayari
Eitbaar Shayari
Kiss Shayari
Bekhudi Shayari