ki haalat pe apne nadaamat nahin ki | कि हालत पे अपने नदामत नहीं की

  - Adnan Ali SHAGAF
किहालतपेअपनेनदामतनहींकी
ख़ुदासकभीभीशिकायतनहींकी
वोज़ालिमतोमेराख़ुदाहोगयाथा
मगरउसख़ुदाकीइबादतनहींकी
मेरीहरकतोंसेहोरुस्वाईतेरी
मियाँमैंनेऐसीहिमाक़तनहींकी
तुम्हेंहुस्नपरउसकेक्यूँदस्तरसहो
जोदस्त-ए-सबाकीहिफ़ाज़तनहींकी
अगरपानाहीहैमुहब्बततोमैंने
अभीतककिसीसेमुहब्बतनहींकी
शगफ़हमनेइतनीमहारतसुख़नमें
कभीभीकिसीकेबदौलतनहींकी
  - Adnan Ali SHAGAF
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy