gham ke shajre kahaan se milte hain | ग़म के शजरे कहाँ से मिलते हैं

  - Shadab Javed
ग़मकेशजरेकहाँसेमिलतेहैं
दिलकेइसआस्ताँसेमिलतेहैं
जितनेकिरदारहैंख़राबोंके
सबमेरीदास्ताँसेमिलतेहैं
आपकोमौतकीमुबारकबाद
आपमुझबे-अमाँसेमिलतेहैं
हरफ़ुलाँसेमैंमिलकेकहताहूँ
आपशायदफ़ुलाँसेमिलतेहैं
अपनाहरराज़खोलनाहैमुझे
चलकिसीराज़दाँसेमिलतेहैं
उसकेरंगोंभरेदुप्पटेको
रंगसबआसमाँसेमिलतेहैं
रोतेरहिएकिरीतभीहैयही
लोगआह-ओ-फ़ुग़ाँसेमिलतेहैं
अपनेछप्परपेरश्कआताहै
जबकिसीबे-मकाँसेमिलतेहैं
उसकीशादाबीलौटआतीहै
जबभीहमगुलसिताँसेमिलतेहैं
  - Shadab Javed
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