hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Satyam Bhaskar "Bulbul"
uske baghair kaise kaaten taveel ye shab
uske baghair kaise kaaten taveel ye shab | उसके बग़ैर कैसे काटें तवील ये शब
- Satyam Bhaskar "Bulbul"
उसके
बग़ैर
कैसे
काटें
तवील
ये
शब
प्यारे
सुनो
मेरी
इक
सिगरेट
ही
जलाओ
- Satyam Bhaskar "Bulbul"
Download Sher Image
दिन
ढल
गया
और
रात
गुज़रने
की
आस
में
सूरज
नदी
में
डूब
गया,
हम
गिलास
में
Rahat Indori
Send
Download Image
122 Likes
मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
33 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
सिगरटें
चाय
धुआँ
रात
गए
तक
बहसें
और
कोई
फूल
सा
आँचल
कहीं
नम
होता
है
Wali Aasi
Send
Download Image
32 Likes
बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल
है
दुनिया
मिरे
आगे
होता
है
शब-ओ-रोज़
तमाशा
मिरे
आगे
Mirza Ghalib
Send
Download Image
25 Likes
पैसा
कमाने
आते
हैं
सब
राजनीति
में
आता
नहीं
है
कोई
भी
खोने
के
वास्ते
छम्मो
का
मुजरा
सुनते
हैं
नेता
जो
रात
भर
संसद
भवन
में
आते
हैं
सोने
के
वास्ते
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
26 Likes
चराग़ों
को
आँखों
में
महफ़ूज़
रखना
बड़ी
दूर
तक
रात
ही
रात
होगी
Bashir Badr
Send
Download Image
29 Likes
शब
भर
इक
आवाज़
बनाई
सुब्ह
हुई
तो
चीख़
पड़े
रोज़
का
इक
मामूल
है
अब
तो
ख़्वाब-ज़दा
हम
लोगों
का
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
Send
Download Image
32 Likes
ये
सर्द
रात
ये
आवारगी
ये
नींद
का
बोझ
हम
अपने
शहर
में
होते
तो
घर
चले
जाते
Ummeed Fazli
Send
Download Image
43 Likes
Read More
इक
शख़्स
हाथ
जोड़े
खड़ा
हुआ
था
मेरे
आगे
लेकिन
जानाँ,
तेरे
बाद
किसी
के
नहीं
हुए
हम
Satyam Bhaskar "Bulbul"
Send
Download Image
7 Likes
सुनो,
जो
नवाबों
सा
लहजा
है
मेरा
ये
सब
बाप
के
ही
बदौलत
है
मेरे
Satyam Bhaskar "Bulbul"
Send
Download Image
5 Likes
बात
सारी
फिर
कभी
होगी
अभी
तो
ये
बता
वो
जो
बेटा
है
तिरा,
फिलहाल
दिखता
कैसा
है
Satyam Bhaskar "Bulbul"
Send
Download Image
6 Likes
उस
अल्हड़
लड़की
की
पहली
मोहब्बत
था
मैं
सो
मुझ
सेे
उसका
दिल
नहीं
भरोसा
टूटा
Satyam Bhaskar "Bulbul"
Send
Download Image
2 Likes
वो
इक
याद
सोने
नहीं
देती
यारों
सुनो
यार
इक
आध
सिगरेट
लाओ
Satyam Bhaskar "Bulbul"
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Peace Shayari
Ujaala Shayari
Justaju Shayari
Aag Shayari
Zindagi Shayari