ik raaz se ha | इक राज़ से हमें अनजाना बना रखा है

  - Satyam Bhaskar "Bulbul"
इकराज़सेहमेंअनजानाबनारखाहै
उसनेतोगैरकोदीवानाबनारखाहै
वोबातजोछुपानीथीसबसेेसचकहूँतो
उसनेउसीकातोअफसानाबनारखाहै
घरमेराजैसेमंदिरथाउनकेसाथबुलबुल
अबउनकेबादघरमयख़ानाबनारखाहै
  - Satyam Bhaskar "Bulbul"
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