is jahaan ki mushkilon men ek aasaani ghazal | इस जहाँ की मुश्किलों में एक आसानी ग़ज़ल

  - Sarvjeet Singh
इसजहाँकीमुश्किलोंमेंएकआसानीग़ज़ल
साथमतलाऔरमक़्ताबीचमेंआनीग़ज़ल
क्याहुआजोहरदफ़ास्वीकारनायेहोरही
धीरे-धीरेकहते-कहतेकहनीजानीग़ज़ल
ख़ुदमेंथोड़ाझाँककेदेखोवहींपेहैकहीं
केकिसीबाज़ारसेपड़तीनहींलानीग़ज़ल
बहरबिनजबकहरहाथारूठकेजानेलगी
बहरमेंजोलेकेआयातबकहींमानीग़ज़ल
कहदियाजोमैंनेकहनाथासरलअंदाज़में
आपकेऊपरकिरखनीअबयाठुकरानीग़ज़ल
  - Sarvjeet Singh
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