hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sarul
doosra hamsafar mubarak ho
doosra hamsafar mubarak ho | दूसरा हम सेफ़र मुबारक हो
- Sarul
दूसरा
हम
सेफ़र
मुबारक
हो
यूँँ
मेरा
साथ
कुछ
बुरा
तो
न
था
- Sarul
Download Sher Image
बे-सबब
मरने
से
अच्छा
है
कि
हो
कोई
सबब
दोस्तों
सिगरेट
पियो
मय-ख़्वारियाँ
करते
रहो
Ameer Imam
Send
Download Image
34 Likes
हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
Send
Download Image
76 Likes
ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
Send
Download Image
43 Likes
क्यूँँ
चलते
चलते
रुक
गए
वीरान
रास्तो
तन्हा
हूँ
आज
मैं
ज़रा
घर
तक
तो
साथ
दो
Adil Mansuri
Send
Download Image
26 Likes
अच्छी
बुरी
हर
इक
कमी
के
साथ
हैं
हम
यार
आँखों
की
नमी
के
साथ
हैं
दो
जिस्म
ब्याहे
जा
रहे
हैं
आज
भी
हम
सब
पराए
आदमी
के
साथ
हैं
Read Full
Neeraj Neer
Send
Download Image
28 Likes
साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
Read Full
Ashu Mishra
Send
Download Image
37 Likes
शर्तें
लगाई
जाती
नहीं
दोस्ती
के
साथ
कीजे
मुझे
क़ुबूल
मिरी
हर
कमी
के
साथ
Waseem Barelvi
Send
Download Image
83 Likes
मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
Read Full
Khalid Sajjad
Send
Download Image
22 Likes
अभी
तो
जाग
रहे
हैं
चराग़
राहों
के
अभी
है
दूर
सहर
थोड़ी
दूर
साथ
चलो
Ahmad Faraz
Send
Download Image
31 Likes
जाँ
हम
दोनों
साथ
में
अच्छे
लगते
हैं
देखो
शे'र
मुकम्मल
अच्छा
लगता
है
Neeraj Neer
Send
Download Image
28 Likes
Read More
किसी
ने
क्या
तुम्हें
धोखा
दिया
है
मेरी
बाँहों
में
भी
घबरा
रहे
हो
Sarul
Send
Download Image
11 Likes
नई
मुश्किल
में
अपना
सर
न
दे
दूँ
कि
चश्म-ए-तर
को
चश्म-ए-तर
न
दे
दूँ
शिकारी
मुझ
सेे
रंजिश
ले
रहे
हैं
परिंदों
को
कहीं
मैं
पर
न
दे
दूँ
बड़े
दिन
से
मुझे
ठुकरा
रही
है
कहीं
अब
मैं
उसे
ठोकर
न
दे
दूँ
तेरी
ख़ातिर
मुझे
डर
लग
रहा
है
मोहब्बत
में
नया
इक
डर
न
दे
दूँ
मुझे
भी
लोग
पत्थर
मारते
हैं
कहीं
मजनूँ
को
भी
पत्थर
न
दे
दूँ
Read Full
Sarul
Download Image
1 Like
दर्द
मंदों
से
हार
जाते
हैं
अपने
बंदों
से
हार
जाते
हैं
अश्क
कितना
लड़ेंगे
आँखों
से
उनके
कंधों
से
हार
जाते
हैं
Read Full
Sarul
Send
Download Image
5 Likes
बदलता
जा
रहा
है
रस्ता
दरिया
मैं
अंदर
रेत
होता
जा
रहा
हूँ
Sarul
Send
Download Image
2 Likes
नहीं
ज़रूरी
परिंदा
है
तो
क़फ़स
में
रहे
रहे
कि
जैसे
कोई
शख़्स
दस्तरस
में
रहे
Sarul
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Allahabad Shayari
Judai Shayari
Samundar Shayari
Mehndi Shayari
Justaju Shayari