hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep dabral 'sendy'
tarkeeb hazaaron hain lekin bosa pahle number par
tarkeeb hazaaron hain lekin bosa pahle number par | तरकीब हज़ारों हैं लेकिन बोसा पहले नंबर पर
- Sandeep dabral 'sendy'
तरकीब
हज़ारों
हैं
लेकिन
बोसा
पहले
नंबर
पर
पेशानी
पर
ले
लो
जब
ग़ुस्सा
रहता
है
अंबर
पर
- Sandeep dabral 'sendy'
Download Sher Image
लजा
कर
शर्म
खा
कर
मुस्कुरा
कर
दिया
बोसा
मगर
मुँह
को
बना
कर
Unknown
Send
Download Image
27 Likes
क्या
ख़ूब
तुम
ने
ग़ैर
को
बोसा
नहीं
दिया
बस
चुप
रहो
हमारे
भी
मुँह
में
ज़बान
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
बोले
वो
बोसा-हा-ए-पैहम
पर
अरे
कम-बख़्त
कुछ
हिसाब
भी
है
Hasan Barelvi
Send
Download Image
22 Likes
बोसा
देते
नहीं
और
दिल
पे
है
हर
लहज़ा
निगाह
जी
में
कहते
हैं
कि
मुफ़्त
आए
तो
माल
अच्छा
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
बे-ख़ुदी
में
ले
लिया
बोसा
ख़ता
कीजे
मुआ'फ़
ये
दिल-ए-बेताब
की
सारी
ख़ता
थी
मैं
न
था
Bahadur Shah Zafar
Send
Download Image
29 Likes
रुख़्सार
का
दे
शर्त
नहीं
बोसा-ए-लब
से
जो
जी
में
तिरे
आए
सो
दे
यार
मगर
दे
Maatam Fazl Mohammad
Send
Download Image
23 Likes
सुब्ह
सवेरे
नंगे
पाँव
घास
पे
चलना
ऐसा
है
जैसे
बाप
का
पहला
बोसा
क़ुर्बत
जैसे
माँओं
की
Hammad Niyazi
Send
Download Image
23 Likes
बोसा
होंटों
का
मिल
गया
किस
को
दिल
में
कुछ
आज
दर्द
मीठा
है
Muneer Shikohabadi
Send
Download Image
21 Likes
रखे
है
लज़्ज़त-ए-बोसा
से
मुझ
को
गर
महरूम
तो
अपने
तू
भी
न
होंटों
तलक
ज़बाँ
पहुँचा
Jurat Qalandar Bakhsh
Send
Download Image
19 Likes
मैं
आ
रहा
हूँ
अभी
चूम
कर
बदन
उस
का
सुना
था
आग
पे
बोसा
रक़म
नहीं
होता
Shanawar Ishaq
Send
Download Image
27 Likes
Read More
दोस्त
आज़मा
के
तुम
देख
लेना
यारों
को
ग़म
में
एक
दो
सुख
में
याँ
हजार
निकलेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
1 Like
बाहरस
कामिल
दिखने
वाला
इंसान
अंदर
से
याँ
अक्सर
ख़ाली
होता
है
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
बूढ़ों
से
अनुभव
बच्चों
से
दु'आ
लेते
इश्क़
के
उस्तादों
से
इल्म
कमा
लेते
इतने
ही
आतुर
थे
अगर
झलक
भर
के
आँख
बिछानी
थी
सो
आँख
बिछा
लेते
कैसे
'आशिक़
हो
जो
आए
ख़ाली
हाथ
नज़र
न
मिल
पाई
तो
हाथ
मिला
लेते
राज़
सभी
खुलते
हैं
पीने
के
ही
बाद
जाम
पिलाने
थे
सो
जाम
पिला
लेते
शौक़
अगर
इतना
था
साथ
में
रखने
का
तो
बटुए
में
इक
तस्वीर
सजा
लेते
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Download Image
0 Likes
देख
रक़ीबों
की
वो
मातें
करती
है
संग
मिरे
वो
अपनी
रातें
करती
है
सबको
आँख
दिखाने
वाली
वो
लड़की
मुझ
सेे
नज़र
झुका
कर
बातें
करती
है
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
1 Like
कि
गुज़ार
रहे
हैं
अब
हिचकी
के
सहारे
इक
इक
पल
काफ़ी
दिन
से
उनका
कोई
पैग़ाम
नहीं
आया
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Romance Shayari
Broken Shayari
Awaaz Shayari
Murder Shayari
Breakup Shayari