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Sandeep dabral 'sendy'
peshaani par bosa lekar sar ko main sahlaaunga
peshaani par bosa lekar sar ko main sahlaaunga | पेशानी पर बोसा लेकर सर को मैं सहलाऊँगा
- Sandeep dabral 'sendy'
पेशानी
पर
बोसा
लेकर
सर
को
मैं
सहलाऊँगा
फ़िक्र
न
कर
उन
पाँच
दिनों
की
बख़ूबी
साथ
निभाऊँगा
- Sandeep dabral 'sendy'
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आप
के
बाद
हर
घड़ी
हम
ने
आप
के
साथ
ही
गुज़ारी
है
Gulzar
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राब्ता
लाख
सही
क़ाफ़िला-सालार
के
साथ
हम
को
चलना
है
मगर
वक़्त
की
रफ़्तार
के
साथ
Qateel Shifai
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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जता
दिया
कि
मोहब्बत
में
ग़म
भी
होते
हैं
दिया
गुलाब
तो
काँटे
भी
थे
गुलाब
के
साथ
Rehman Faris
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गर
डूबना
ही
अपना
मुक़द्दर
है
तो
सुनो
डूबेंगे
हम
ज़रूर
मगर
नाख़ुदा
के
साथ
Kaifi Azmi
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तुम्हारे
बाद
ये
दुख
भी
तो
सहना
पड़
रहा
है
किसी
के
साथ
मजबूरी
में
रहना
पड़
रहा
है
Ali Zaryoun
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वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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वा'दा
करो
कि
हाथ
छुड़ाकर
न
जाओगे
वा'दा
करो
कि
सात
जनम
तक
रहेगा
इश्क़
Mukesh Jha
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जो
न
खेली
होली
'अमृत'
के
साथ
में
हाथों
में
दीवाली
तक
गुलाल
रहेगा
Amritanshu Sharma
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दौर-ए-अनदेखी
से
जर्जर
हो
गई
दिल
की
दीवारें
खिसक
रही
हैं
उनकी
तस्वीरें
दिल
से
धीरे
धीरे
Sandeep dabral 'sendy'
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कि
लगाना
कैसे
भूल
गए
उसकी
तस्वीर
पे
बिंदी
कि
जबीं
पर
छोटी
सी
काली
बिंदी
बेहद
जँचती
है
Sandeep dabral 'sendy'
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क़दम
इक
इक
बढ़ाने
में
सहरस
शाम
हो
जाए
कि
मेरी
रुख़सती
के
दिन
सड़क
भी
जाम
हो
जाए
ज़ियादा
कुछ
नहीं
चाहूँ
यहाँ
चाहूँ
फ़क़त
इतना
यहाँ
इक
रोज़
कुछ
आँसू
मिरे
भी
नाम
हो
जाए
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Sandeep dabral 'sendy'
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वा'दे
करके
जो
छोड़
चले
आधे
रस्ते
में
उनके
पीछे
नंगे
पा
दौड़
नहीं
सकते
हम
Sandeep dabral 'sendy'
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सुना
है
जो
उसे
देखे
उसी
के
सिम्त
हो
जाए
मियाँ
करके
ये
गुस्ताख़ी
उसे
अब
हम
भी
देखेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
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