मुकम्मलहीसमझनाफिरमुझेभी
फ़क़तअबक़त्लहोनारहगयाहूँ
भुलानेकीहैज़िद्द-ओ-जहदजिसको
तुम्हारेइश्क़कावोसिलसिलाहूँ
जिसेअपनीमुहब्बतकहरहीहो
वोकोईऔरहै,औरमैंदूसराहूँ
मुहब्बतकीनवाज़िशमौतहीहै
मुझेमारो,अभीमैंअधमराहूँ
मुहब्बतकाअसरमुझपरनहींहै
यूँँहीपत्थरसेमैंसरपीटताहूँ
सज़ामुझकोअताकरतूमुनासिब
ख़तायेहैकितुझकोचाहताहूँ
"शफ़क़"कोखोजनेनिकलाहूँजबसे
तभीसेख़ुदकहींपरलापताहूँ