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Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
patte ye kitne ab be-vafa ho ga.e
patte ye kitne ab be-vafa ho ga.e | पत्ते ये कितने अब बे-वफ़ा हो गए
- Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
पत्ते
ये
कितने
अब
बे-वफ़ा
हो
गए
पेड़
से
टूट
कर
जो
हवा
हो
गए
यार
बीमार
हूँ
मैं
अभी
इश्क़
में
लोग
पर
क्यूँ
मेरे
घर
जमा
हो
गए
ख़ुद
भटकते
रहे
जो
दवा
के
लिए
गैरों
के
मर्ज़
की
वो
दवा
हो
गए
खेलते
साथ
बचपन
में
जो
यार
थे
क्यूँ
वो
होकर
बड़े
सब
जुदा
हो
गए
महफ़िलों
में
कभी
तुम
थे
तन्हा
"शफ़क़"
लोग
सारे
वो
अब
हमनवा
हो
गए
- Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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मैं
चोट
कर
तो
रहा
हूँ
हवा
के
माथे
पर
मज़ा
तो
जब
था
कि
कोई
निशान
भी
पड़ता
Abhishek shukla
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पहले
उसकी
ख़ुशबू
मैंने
ख़ुद
पर
तारी
की
फिर
मैंने
उस
फूल
से
मिलने
की
तैयारी
की
इतना
दुख
था
मुझको
तेरे
लौट
के
जाने
का
मैंने
घर
के
दरवाजों
से
भी
मुँह
मारी
की
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Tehzeeb Hafi
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प्यार
की
जोत
से
घर
घर
है
चराग़ाँ
वर्ना
एक
भी
शम्अ
न
रौशन
हो
हवा
के
डर
से
Shakeb Jalali
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पहले
पानी
को
और
हवा
को
बचाओ
ये
बचा
लो
तो
फिर
ख़ुदा
को
बचाओ
Swapnil Tiwari
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घर
की
तक़सीम
में
अँगनाई
गँवा
बैठे
हैं
फूल
गुलशन
से
शनासाई
गँवा
बैठे
हैं
बात
आँखों
से
समझ
लेने
का
दावा
मत
कर
हम
इसी
शौक़
में
बीनाई
गँवा
बैठे
हैं
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Abrar Kashif
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दोस्त
अपना
हक़
अदा
करने
लगे
बेवफ़ाई
हमनवा
करने
लगे
मेरे
घर
से
एक
चिंगारी
उठी
पेड़
पत्ते
सब
हवा
करने
लगे
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Santosh S Singh
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एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
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आदतन
उसके
लिए
फूल
ख़रीदे
वरना
नहीं
मालूम
वो
इस
बार
यहाँ
है
कि
नहीं
Abbas Tabish
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दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
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फूल
ही
फूल
याद
आते
हैं
आप
जब
जब
भी
मुस्कुराते
हैं
Sajid Premi
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और
कितनी
चाहते
हो
तुम
मोहब्बत
उस
से
आख़िर
प्यासी
दिन
भर
रह
के
पत्नी
उम्र
पति
की
लंबी
माँगे
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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बेटे
जो
भेजे
हैं
सरहद
से
बुला
लो
साहब
कोख
माँओं
की
उजड़ने
से
बचा
लो
साहब
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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जो
ज़र,
फल
न
दे
पाए
वो
छांव
देंगे
न
काटो
दरख़्तों
को
आँगन
से
लोगों
वसीयत
को
रखते
हो
जैसे
सँभाले
सँभालो
दरख़्तों
को
भी
वैसे
लोगों
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Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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अक्स
भी
उसका
नाचीज़
ही
लग
रहा
मसअला
यह
भी
है
की
वो
ख़ुद
ख़ास
है
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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यूँँ
तो
है
कई
रिश्ते
कायनात
में,
लेकिन
दोस्ती
ख़ुदा
ने
नायाब
ख़ुद
बनाई
है
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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