ek manzar jo dhuaa hota hua | एक मंज़र जो धुआँ होता हुआ

  - Samar Pradeep
एकमंज़रजोधुआँहोताहुआ
शम्अ-ए-उम्मीदलेजाताहुआ
लौटनापड़ताहैइकतैवक़्तपे
शामफिरढ़लजाएगाढ़लताहुआ
जोअनाकोताकपररखकेमिले
ख़ुशहुआहूँमैंउसेमिलताहुआ
फूंककेरखताहैजोहरइककदम
चालचलताहैबहुतबरताहुआ
पूछलेंगेहमख़ुदासभीकभी
क्याबनानाथायेक्याबनताहुआ
  - Samar Pradeep
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