हारकररुकनानहींमंज़िलभलेहीदूरहै
ठोकरेंखाकरभीचलनावक़्तकादस्तूरहै
हौसलेकेसामनेतक़दीरभीझुकजाएगी
तूबदलसकताहैक़िस्मतकिसलिएमजबूरहै
आदमीकीचाहहोतोखिलतेहैपत्थरमेंफूल
कौनसीमंज़िलभलाजोआदमीसेदूरहै
ख़ाककाहैपुतलाइंसाँख़ाकमेंमिलजाएगा
कैसीदौलतकैसीशोहरतक्यूँभलामग़रूरहै
वक़्तसेपहलेकिसीकोकुछनहींमिलताकभी
वक़्तकेहाथोंयहाँहरएकशयमजबूरहै