vo haseen qaateel adaayein gul-fishaani ab kahaan | वो हसीं क़ातिल अदाएँ गुल-फ़िशानी अब कहाँ

  - SALIM RAZA REWA
वोहसींक़ातिलअदाएँगुल-फ़िशानीअबकहाँ
वोलब-ओ-रूख़्सारवोरंगतसुहानीअबकहाँ
गुलशन-ए-दिलकावोमालीखोगयाजानेकिधर
वोनहींतोग़ुंचा-ओ-गुलरातरानीअबकहाँ
दोस्तोंमेंखेलनाछुपनादरख़्तोंकेतले
वोसुहानेपलकहाँयादेंसुहानीअबकहाँ
थप-थपाकरगुन-गुनाकरमुझकोबहलातीथींजो
खोगईंवोलोरियाँअबवोकहानीअबकहाँ
पेड़बरगदकाघनाजोछाँवदेताथाकभी
गाँवमेंमिट्टीकाघरछप्परवोछानीअबकहाँ
बनकेमेहमाँघरमेंआतेथेफ़रिश्तोंकीतरह
अबकहाँमेहमानऐसेमेज़बानीअबकहाँ
ढलगईअबतोजवानीजिस्मबूढ़ाहोगया
फिरलौटेगावोबचपनवोजवानीअबकहाँ
  - SALIM RAZA REWA
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