भलेख़ामोशहैंयेलबतुम्हारे
मगरआँखेंबहुतकुछबोलतीहैं
अमीर-ए-शहरकाक़ब्ज़ाहैलेकिन
ग़रीबोंकीदीवारेंटूटतीहैं
समुंदरकोकहाँख़ुश्कीकाडरहै
वोनदियाहैंजोअक्सरसूखतीहैं
नजानेकबहटादेंज़ुल्फअपनी
उन्हेंएकटकयेआँखेंदेखतीहैं
रज़ाहैरबकायेअहसानमुझपर
जोखुशियाँमेरेघरमेंखेलतीहैं