saath tum nahin hote kuchh mazaa nahin hota | साथ तुम नहीं होते कुछ मज़ा नहीं होता

  - SALIM RAZA REWA
साथतुमनहींहोतेकुछमज़ानहींहोता
मेरेघरमेंख़ुशियोंकासिलसिलानहींहोता
राहपरसदाक़तकीगरचलानहींहोता
सचहमेशाकहनेकाहौसलानहींहोता
रौनक़ेंनहींजातींमेरेघरकेआँगनसे
दिलअगरनहींबँटताघरबँटानहींहोता
थोड़ेग़मख़ुशीथोड़ीथोड़ीसिसकियाँभीहैं
ज़िन्दगीसेअबहमकोकुछगिलानहींहोता
कोशिशोंसेदेताहैरास्तासमुंदरभी
हौसलारहेक़ाएमफिरतोक्यानहींहोता
डूबतीनहींकश्तीपासआकेसाहिलके
बे-वफ़ाअगरमेराना-ख़ुदानहींहोता
उसकीशोख़नज़रोंनेज़िन्दगीबदलडाली
वोअगरनहींहोताकुछ'रज़ा'नहींहोता
  - SALIM RAZA REWA
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