jagmagaati ye jabeen aarz-e-gulfaam rahe | जगमगाती ये जबीं आरिज़-ए-गुलफा़म रहे

  - SALIM RAZA REWA
जगमगातीयेजबींआरिज़-ए-गुलफा़मरहे
तूजवानीकाछलकताहुआइकजामरहे
गुल-ब-दामाँतेरीहरसुब्हरहेशामरहे
हरतरफ़सहन-ए-गुलिस्ताँमेंतेरानामरहे
सारीदुनियामेंतेरेइल्मकीख़ुशबूमहके
जबतलकचाँदसितारेहोंतेरानामरहे
इसतरहतेरेतसव्वुरमेंमगनहोजाऊँ
मुझकोअपनोंसेग़ैरोंसेकोईकामरहे
जबतेरीदीदकोहमशहरमेंतेरेपहुँच
अपनेदामनसेलिपटाकोईइल्ज़ामरहे
तेरीख़ुशहालीकीहरपलयेदु'आकरतेहैं
तेरेदामनमेंख़ुशीसुब्हरहेशामरहे
हरक़दममेराउठेतेरीरज़ाकीख़ातिर
मेरेहोंठोंपेहमेशातेरापैगामरहे
  - SALIM RAZA REWA
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